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तीनों सेनाओं का ऐलान- अग्निपथ योजना किसी भी रूप में वापस नहीं होगी

  • तीनों सेनाओं में जोश और होश के बीच संतुलन बनाएगी अग्निपथ योजना
  • सेना में औसत आयु 32 के बजाय 26 साल करने के लिए योजना लाई गई

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ रविवार को अग्निवीर भर्ती योजना की समीक्षा के बाद ऐलान किया गया है कि अग्निपथ योजना किसी भी रूप में वापस नहीं होगी। तीनों सेनाओं की ओर से साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अग्निवीरों की भर्ती योजना के बारे में आन्दोलनकारियों को विस्तार से समझाने की कोशिश की गई। भारतीय सेना को इस समय युवाओं की जरूरत है, यह सुधार लंबे समय से लंबित था। आज बड़ी संख्या में जवान अपने जीवन के तीसरे दशक में हैं, इसलिए सेना में औसत आयु 26 साल करने के लिए यह योजना लाई गई है।

अग्निपथ योजना पर साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने की। उन्होंने कहा कि योजना की घोषणा होने के बाद विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के लिए घोषित की गईं आरक्षण के संबंध में घोषणाएं पूर्व नियोजित थीं। यह घोषणाएं अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद देश भर हुई आगजनी, हिंसा और तोड़फोड़ की प्रतिक्रिया में नहीं की गई हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की नींव में अनुशासन है, इसलिए आगजनी, तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति एक प्रमाण पत्र देगा कि वे विरोध या बर्बरता का हिस्सा नहीं थे। पुलिस वेरिफिकेशन 100% है, उसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता। कोचिंग संस्थान छात्रों को भड़का और उकसा रहे हैं लेकिन उन्हें हिंसा और प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेना चाहिए।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि भारतीय सेना को इस समय युवाओं की जरूरत है, यह सुधार 1989 से लंबित था। इस योजना के तहत हम सेना में मौजूदा सैनिकों के अनुभव के साथ युवावस्था को लाना चाहते हैं। आज सेना में जवानों की औसत आयु लगभग 32 वर्ष है, लेकिन आने वाले 6-7 वर्षों में यह और कम होकर 26 वर्ष हो जाएगी। देश के युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें भविष्य का सैनिक बनाने की आवश्यकता है। इस साल 40 हजार से शुरू होने वाली भर्ती से निकट भविष्य में सेनाओं में अग्निवीरों की संख्या 1.25 लाख हो जाएगी। बुनियादी क्षमता का निर्माण करने के लिए हमने योजना का विश्लेषण करने के लिए 46 हजार से शुरुआत की है। अगले 4-5 वर्षों में प्रतिवर्ष 50 से 60 हजार और बाद में बढ़कर 90 हजार से 1 लाख हो जाएगी।

सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि हम इस सुधार के साथ सेना में युवावस्था और अनुभव को साथ लाना चाहते हैं। सेना में अनुशासनहीनता की कोई जगह नहीं है, इसलिए अग्निवीरों को भी कुशल प्रशिक्षण के साथ-साथ मानसिक, शारीरिक और अनुशासन में रहने की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। अग्निवीरों को मिलने वाले भत्तों के बारे में कहा कि अग्निवीर को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता मिलेगा जो वर्तमान में सेवारत नियमित सैनिकों को मिलता है। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।देश की सेवा में अपना जीवन कुर्बान करने वाले अग्निवीर को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।

लेफ्टिनेंट जनरल बंशी पुनप्पा ने कहा कि सेना में अग्निवीरों की भर्ती के लिए 1 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा जिसके बाद लोग रजिस्ट्रेशन शुरू कर सकते हैं। भर्ती के लिए पहली रैली अगस्त के दूसरे सप्ताह से शुरू होगी जिसमें फिजिकल टेस्ट और मेडिकल होगा। उसके बाद एंट्रेंस एग्जाम होगा फिर उन्हें कॉलम में मेरिट के हिसाब से भेजेंगे। अगस्त से लेकर नवंबर तक 2 बैच में रैलियां होंगी। पहले लॉट में 25 हजार अग्निवीर दिसंबर के पहले सप्ताह में आएंगे। अग्निवीरों का दूसरा जत्था फरवरी में आएगा।

उन्होंने कहा कि देश के हर राज्य में हर आखिरी गांव तक कुल 83 भारतीय रैलियां होंगी। वायु सेना में 24 जून से बहाली शुरू होगी, जबकि नेवी में बहाली के लिए 25 जून को नोटिफिकेशन आएगा। नौसेना के वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में 25 जून तक हमारा विज्ञापन मंत्रालय तक पहुंच जाएगा। 21 नवंबर को नेवी के अग्निवीर का पहला बैच आईएन एसचिल्का ओडिशा में रिपोर्ट करना शुरू कर देगा। हम महिलाओं को भी अग्निवीर बना रहे हैं।

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