”ब्राह्मण राह दिखाएंगे, केवट पार लगाएंगे”, लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले पोस्टर वार तेज हो गई है। लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्यालय के बाहर एक नया राजनीतिक पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर ने सपा और भाजपा के बीच चल रही ‘पोस्टर जंग’ को और तेज कर दिया है। इस पोस्टर को सीतापुर के सपा नेता चंद्र कुमार मिश्र और जय हिंद समाज पार्टी के अध्यक्ष नंद लाल निषाद ने लगवाया है।
लखनऊ में सपा मुख्यालय पर लगे पोस्टर पर साफ तौर पर लिखा है, “ब्राह्मण राह दिखाएंगे, केवट पार लगाएंगे, पीडीए की सरकार बनाएंगे”। पोस्टर में अखिलेश यादव को नदी में नाव पर सवार दिखाया गया है। पोस्टर में एक ब्राह्राण नेता को मार्गदर्शन करते दिखाया गया है जबकि एक निषाद नेता को नाव चलाते हुए दिखाया गया है। नाव पर पीडीए परिवार भी लिखा गया है।
सवर्णों और निषाद वोटरों को साधने की कोशिश
यह पोस्टर उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरणों को सीधे तौर पर साधने की कोशिश है। इसमें सवर्ण ब्राह्मणों, नदी किनारे रहने वाले समुदायों (केवट/निषाद) और पार्टी के मुख्य ‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) आधार को मिलाकर एक व्यापक गठबंधन बनाने पर जोर दिया गया है। एक तरफ ब्राह्मण मार्गदर्शकों और दूसरी तरफ केवट नाविकों के साथ दिखाकर समाजवादी पार्टी दो मोर्चों पर एक सोची-समझी रणनीति के तहत लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इससे पहले सपा के खिलाफ कई जिलों में अज्ञात लोगों ने पोस्टर लगाए थे।
पीडीए फार्मूले पर लोकसभा में जीती थी 37 सीटें
बता दें कि सपा ब्राह्मण वोटों पर नजर गड़ाए हुए है। पार्टी निषाद और केवट समुदायों तक पहुंचने की भी कोशिश कर रही है। सपा अपने ‘पीडीए’ फॉर्मूले में ‘पी’ (P) का अर्थ ‘पंडित’ के रूप में पेश कर रही है। सपा पीडीए फार्मूले पर ही 2024 के लोकसभा चुनाव में 37 सीटें जीतने में कामयाब हुई थी।
कांग्रेस के भी लगे पोस्टर
वहीं, लखनऊ में कांग्रेस का एक पोस्टर लगाया गया है, जिस पर लिखा है – ‘200 सीट हमारा हक है’। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सपा से 200 से ज्यादा सीटें मांग रही है। जबकि सपा उसे 60-70 से ज्यादा सीट देने को तैयार नहीं है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीट बंटवारे को लेकर चल रही खबरों पर अभी हाल में ही कहा था कि सच्चाई किसी को पता नहीं है। गठबंधन एकजुट है। हम सरकार बनाएंगे।





