FSDA Uttar Pradesh: UP में बस दो दिन बाद से बदलेगा मिठाई खरीदने का नियम, डिब्बे पर लिखनी होगी ‘Use By’ तारीख

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर से मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों को उसकी ताजगी और इस्तेमाल की अवधि की जानकारी मिल सकेगी। प्रदेश में मिठाई विक्रेताओं को अब मिठाइयों के डिब्बों पर इस्तेमाल की अंतिम तारीख यानी ‘Use By’ डेट स्पष्ट रूप से दर्ज करनी होगी। यह व्यवस्था खुली और पैक्ड, दोनों तरह की मिठाइयों पर लागू होगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने 27 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया था।
विभाग के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य ग्राहकों को मिठाइयों की ताजगी और उनके सुरक्षित उपभोग की अवधि के बारे में जानकारी देना है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खुली मिठाइयों पर भी बतानी होगी इस्तेमाल की अंतिम तारीख
नए नियम के तहत दुकानदारों को मिठाई बेचते समय उसकी ‘Use By’ तारीख स्पष्ट रूप से बतानी होगी। यह नियम केवल पैक्ड मिठाइयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुकानों में खुली रखी जाने वाली मिठाइयों पर भी लागू होगा।
FSDA की कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब के मुताबिक, ग्राहकों को अक्सर मिठाइयों के तैयार होने की तारीख और उनके इस्तेमाल की अवधि की जानकारी नहीं मिल पाती थी। इसी समस्या को दूर करने और खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
एक से 30 दिन तक हो सकती है मिठाइयों की शेल्फ लाइफ
विभाग ने सभी प्रकार की मिठाइयों के लिए एक समान शेल्फ लाइफ निर्धारित नहीं की है। मिठाई कितने समय तक सुरक्षित रह सकती है, यह उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री, तैयार करने की प्रक्रिया और भंडारण की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
इन्हीं कारकों को ध्यान में रखते हुए खाद्य कारोबारियों को मिठाइयों की ‘Use By’ अवधि तय करनी होगी। उत्पाद के प्रकार के अनुसार यह अवधि एक दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है।
तय अवधि तक गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी दुकानदार की
अधिकारियों के अनुसार, मिठाई विक्रेताओं की जिम्मेदारी होगी कि वे घोषित ‘Use By’ तारीख तक उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखें। निर्धारित शेल्फ लाइफ के साथ बेची जाने वाली मिठाइयों को इस पूरी अवधि के दौरान लागू खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना होगा।
इस व्यवस्था से ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसकी इस्तेमाल की अंतिम तारीख जानने में मदद मिलेगी। साथ ही, दुकानदारों की जवाबदेही भी तय होगी।





