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प्रियंका गांधी और मायावती की बीच छिड़ी जंग, बसपा-कांग्रेस की इस लड़ाई में क‍िसको होगा फायदा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर जिस तरीके से सपा और बीजेपी के बीच वाक युद्ध छिड़ा हुआ है. उसी तरह अब अन्‍य दो बड़े राजनीतिक दलों की महिला नेताओं के बीच में भी जुबानी जंग छिड़ चुकी है. कांग्रेस की उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने जहां मायावती की सक्रियता को लेकर सवाल खड़े किए तो वही बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रियंका गांधी को लेकर हमला बोला है. मायावती का यह हमला वोट बैंक को बचाने के लिए माना जा रहा है. क्योंकि जहां उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की जमीन को तैयार करने के लिए प्रियंका गांधी के कई अभ‍ियानों से कांग्रेस को मजबूती मिल रही है. ऐसे में अब दोनों ही महिला नेता एक दूसरे पर जुबानी हमला करने से नहीं चूक रही हैं.

यूपी में प्रियंका से कांग्रेस को मिली मजबूती

उत्तर प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश के चुनाव में कांग्रेस की संगठन को मजबूत करने कार्यकर्ताओं को जोड़ने के साथ लड़की हो लड़ सकती हूं और भर्ती क्रांति जैसे अभियानों से पार्टी को संजीवनी मिली है. वहीं अब तक काग्रेस ने जारी किए प्रत्याशियों में 70 फीसदी नए और युवा प्रत्याशी उतारे हैं. ऐसे में कांग्रेस ने जहां अपनी खोई हुई जमीन को मजबूत करने का काम किया है. तो वहीं इससे दूसरे दल के वोट बैंक में भी सेंध लगने की बात कही जा रही है.

मायावती की ‘सक्रियता ‘पर खड़े हो रहे सवाल

बसपा सुप्रीमो मायावती के चुनाव में सक्रिय ना होने पर प्रियंका गांधी ने सवाल खड़ा किए हैं .उन्होंने मायावती पर तंज करते हुए बयान दिया था कि बसपा बीजेपी की बी टीम की तरह काम कर रही है. ऐसे में मायावती ने भी ट्वीट के जरिए प्रियंका गांधी पर हमला बोला है. वहीं दूसरी तरफ यह कहा जा रहा है कि जिस तरीके से उत्तराखंड और पंजाब के चुनाव में मायावती लगातार कांग्रेस पर हमला बोल रही हैं. उससे कांग्रेस गुस्‍से में है और बसपा के वोट बैंक पर सीधे कांग्रेस की नजर है. वहीं पिछले 6 महीनों से उत्तर प्रदेश के चुनाव को लेकर मायावती सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही सक्रिय है, जबकि मैदान से पूरी तरीके से गायब है.

मायावती और प्रियंका के जंग में किसका होगा फायदा

उत्तर प्रदेश में चुनाव में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी 40 फीसदी महिला उम्मीदवारों और फिर बेरोजगार युवकों के दर्द पर मरहम लगाने को लेकर सक्रिय हैं. लखनऊ में वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक शरद प्रधान बताते हैं कि कांग्रेस ने अपनी जमीन को दोबारा से मजबूत करने का काम किया है क्योंकि लोग कांग्रेस को भूल चुके थे. ऐसे में लोगों के जेहन में कांग्रेस का दोबारा जिंदा होना प्रियंका गांधी की मेहनत का नतीजा है. वहीं कांग्रेस के महिलाओं को लेकर चलाए जा रहे अभियान और युवा वर्ग पर दिए जा रहे खास ध्यान से फायदा मिलने की पूरी उम्मीद है. वहीं इससे बसपा के वोट बैंक में भी सेंधमारी होगी. इसी वजह से प्रियंका गांधी मायावती के ऊपर अब सीधे तौर पर हमला कर रही हैं.  शरद प्रधान कहते हैंं क‍ि कांग्रेस और बसपा की महिला नेताओं की इस जुबानी जंग का बीजेपी फायदा उठाने की भरपूर कोशिश जुटी हुई है. बीजेपी ने पिछले दो चुनावों से बसपा के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाई है. ऐसे में इस चुनाव में भी बीजेपी दलित वोट बैंक में सेंधमारी की तैयारी में है. अगर इस चुनाव में दलित वोट बैंक में बीजेपी सेंधमारी में कामयाब हो गई तो दोबारा सत्ता पर काबिज होने के उसके दावे और ज्यादा मजबूत होंगे.

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