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नवरात्र आयोजनों को नारी सम्मान से जोड़ने की तैयारी, डांडिया-गरबा में सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर

लखनऊ/कानपुर। शारदीय नवरात्र के दौरान उत्तर प्रदेश में धार्मिक आयोजनों को सामाजिक जागरूकता, नारी सम्मान और सुरक्षित आयोजन से जोड़ने की तैयारी है। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला आयोजन समिति ने 16 से 18 अक्टूबर तक प्रदेश के पूजा पंडालों, मंदिरों और सामाजिक संगठनों में ‘नारी वंदन’ के तहत कन्या वंदन एवं कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। वहीं, नवरात्रि उत्सवों, डांडिया और गरबा आयोजनों में सुरक्षा एवं निर्धारित नियमों के पालन को लेकर प्रशासन से निगरानी बढ़ाने की मांग भी उठी है।

समिति के अनुसार, ‘नारी वंदन’ अभियान के दौरान लोगों को बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और स्वावलंबन के प्रति संकल्प दिलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य नवरात्र में शक्ति आराधना की परंपरा को नारी सम्मान के सामाजिक संदेश से जोड़ना और इसे प्रदेशभर में जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाना है। समिति के क्षेत्रीय संयोजक अमरजीत ने कहा कि नारी सम्मान भारतीय संस्कृति का मूल संस्कार है। कन्या वंदन और पूजन के माध्यम से बेटियों के प्रति सम्मान तथा सकारात्मक सोच को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। धार्मिक आयोजनों के साथ महिलाओं और बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को लेकर सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने की योजना है।

पंडालों और मंदिरों से सामाजिक संकल्प तक

प्रस्तावित कार्यक्रम किसी एक शहर तक सीमित नहीं होंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पूजा पंडालों, मंदिरों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। इसके जरिए नवरात्र के दौरान धार्मिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों तक नारी सम्मान का संदेश पहुंचाने पर जोर रहेगा। क्षेत्रीय संयोजक के मुताबिक, नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना भारतीय परंपरा में शक्ति और नारी सम्मान की अवधारणा से जुड़ी है।

इसी सांस्कृतिक भाव को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए महिलाओं और बेटियों की गरिमा, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन को अभियान के प्रमुख विषयों में रखा गया है। समिति का कहना है कि नारी सम्मान को केवल प्रतीकात्मक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय परिवार और सामाजिक जीवन में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता से जोड़ने की जरूरत है। अभियान के माध्यम से इसी सोच को व्यापक सामाजिक भागीदारी में बदलने का प्रयास किया जाएगा।

नवरात्र आयोजनों में नियमों के सख्त पालन की मांग

बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक अमरनाथ ने नवरात्र उत्सवों, डांडिया और गरबा आयोजनों में निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि मंदिरों, मेलों और आयोजन स्थलों पर महिला सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर प्रशासन को कई सुझाव दिए हैं। इनमें मंदिरों और मेला परिसरों के आसपास अनधिकृत दुकानों तथा अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने और पूजन सामग्री एवं खान-पान की दुकानों के लिए निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।

डांडिया और गरबा कार्यक्रमों के आयोजकों, व्यवस्थापकों और प्रतिभागियों के लिए थाना स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने तथा आयोजकों से महिला सुरक्षा एवं व्यवस्था संबंधी मानकों का लिखित अनुपालन कराने का सुझाव दिया गया है। प्रमुख मंदिरों और आयोजन स्थलों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, नियमित पुलिस गश्त और औचक निरीक्षण की व्यवस्था प्रभावी बनाने की मांग भी की गई है। साथ दर्शनार्थी महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के लिए प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का सुझाव दिया गया है।

26 से 30 नवंबर तक प्रदेशभर में मेला, कानपुर में मुख्य आयोजन

नवरात्र के कार्यक्रमों के बाद हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले का मुख्य आयोजन 26 से 30 नवंबर तक कानपुर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क में प्रस्तावित है। आयोजन समिति के अनुसार, पांच दिवसीय मेले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की योजना है। साथ ही मुख्य मेले से पहले प्रदेशभर में चरणबद्ध कार्यक्रमों के जरिए जनजागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। नवरात्र के दौरान प्रस्तावित ‘नारी वंदन’ अभियान इसी श्रृंखला का हिस्सा है।

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