अयोध्याउत्तर प्रदेश

Ram Mandir: राम जन्मभूमि पर स्थापित हुई गिलहरी की मूर्ति, रामायण की कथा से है प्रेरित

अयोध्याः श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में एक गिलहरी की मूर्ति को स्थापित किया गया है। मंदिर निर्माण अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, और इस अवसर पर रामायण में गिलहरी के प्रतीकात्मक योगदान को सम्मान देने के लिए यह कदम उठाया गया है। मूर्ति की स्थापना इस तरह किया गया है कि वह मंदिर की ओर देखती प्रतीत हो रही है।

राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि यह मूर्ति अंगद टीला पर स्थापित की गई है, जहां से यह मंदिर की भव्यता को निहारती दिखती है।

गिलहरी की मूर्ति का महत्व

मिश्रा ने कहा, “राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो रहा है। इस दौरान ट्रस्ट ने उस गिलहरी को सम्मान देने का निर्णय लिया, जिसने रामायण में राम सेतु निर्माण में अपनी छोटी लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।”

अयोध्या में निर्माण समिति की बैठक के लिए पहुंचे मिश्रा ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही गुणवत्ता जांच शुरू होगी। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी काम शुरू हो गया है।

मंदिर की सुरक्षा के लिए व्यापक योजना

मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए चार किलोमीटर लंबी दीवार के साथ 25 निगरानी टावर बनाए जाएंगे। मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन के साथ जल्द ही सुरक्षा उपायों पर विस्तृत चर्चा होगी, ताकि मंदिर की सुरक्षा को अत्यंत मजबूत बनाया जा सके।

उन्होंने यह भी जोर दिया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर दर्शन के बाद अयोध्या में अन्य दर्शनीय स्थलों की योजना बनाई जाए। उनका कहना है कि अयोध्या को एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

रामायण में गिलहरी को भगवान राम के प्रति उसकी भक्ति और राम सेतु निर्माण में छोटे लेकिन समर्पित योगदान के लिए याद किया जाता है। राम जन्मभूमि पर इस मूर्ति की स्थापना सामूहिक प्रयास, भक्ति और नम्रता के प्रतीक के रूप में देखी जा रही है।

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