ओपिनियनबड़ी खबरसंपादक की पसंदसियासत-ए-यूपी

आत्मनिर्भरता व स्वदेशी के मूल मंत्र से ही भारत होगा मजबूत व सुरक्षित

मृत्युंजय दीक्षित


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कई कीर्तिमान एक साथ रच डाले । लाल किले की प्राचीर से 103 मिनट तक बोलते हुए अपने राजनैतिक जीवन का सबसे लंबा भाषण दिया। अपने संबोधन में हर क्षेत्र में स्वदेशी को अपनाने के साथ ही आत्मनिर्भरता को मजबूती प्रदान करने संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी सुधार से लेकर राष्ट्रीय एवं धार्मिक महत्व की सभी संस्थाओं व केंद्रो की व्यापक स्तर पर सुरक्षा के लिए वर्ष 2035 तक ऑपरेशन सुदर्शन चक्र जैसी अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की । साथ ही, देश के विभिन्न स्थानों में बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठ के कारण हो रहे जनसांख्यकी परिवर्तन की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर मिशन मोड में अभियान प्रारंभ करने की घोषणा की है जो राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि लाल किले से उन्होंने विश्व के सबसे बड़े सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रशंसा की और उसे सबसे बड़ा एनजीओ बताया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस बार अपनी स्थापना के 100 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश वा समाज हित में किए गए संघ के कार्यों की चर्चा व प्रशंसा संघ के स्वयंसेवकों का उत्साहवर्द्धन करनेवाला तो रहा ही साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया कि भाजपा और संघ के बीच कोई वैचारिक मतभेद हो ही नहीं सकता।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्वदेशी हथियारों के बल पर आपरेशन सिंदूर की सफलता की कहानी को देशवासियों के समक्ष एक बार पुन: रेखांकित किया और साथ ही पाकिस्तान को फिर से अत्यंत कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सिंधु नदी का जल और खून मतलब आतंकवाद एक साथ नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर हम हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर ना होते तो क्या आप सोच सकते हैं कि इतना सफल ऑपरेशन सिंदूर संभव हो पाता । अमेरिका की शह पर अनर्गल प्रलाप करने वाले पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर को स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि अब भारत के साथ परमाणु हमले की ब्लैकमेलिंग नहीं चलने वाली। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत की नीति अभी तक पहले हमला नहीं करने की रही है।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना – प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त के दिन से ही युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रूपये की योजना लागू करने की घोषणा कर दी। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवकों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि के रूप में 15 हजार रूपए दिये जायेंगे। यह योजना करीब- करीब साढे़ तीन करोड़ नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बनाएगी।
नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधार – पीएम मोदी ने इस दीपावली से जीएसटी सुधार के माध्यम से बड़ी राहत देने की घोषणा की है जिससे आम नागरिकों व छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है।

हाई पावर डेमोग्रॉफी मिशन- प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आज देश के सामने सबसे बड़ी चिंता व चुनौती यह है कि सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है एक नये व गंभीर संकट के बीज बोए जा रहे हैं। ये घुसपैठिए देश के नौजवानों की रोजी रोटी छीन रहे हैं। झूठ बोलकर बहन बेटियों को अपना निशाना बना रहे हैं।ये घुसपैठिए भेाले -भाले आदिवासियों को भ्रमित करके उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। देश यह सहन नहीं करेगा जब-जब सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफी परिवर्तन होता है तब-तब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा होता है।

उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी देश अपने देश को घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकता। हमारे पूर्वजों व महापुरूषों ने त्याग और बलिदान से हमें स्वतंत्र भारत दिया है। हमने एक हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का निर्णय लिया है जोकि इस भीषण संकट से निपटने के लिए कार्य करेगा। ज्ञातव्य है कि बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठ के कारण असम सहित अनेक सीमावर्ती राज्यों के जिलों की डेमोग्राफी तेजी से बदल गई है व बदल रही है। कई राज्यों में घुसपैठियों के खिलाफ व्यापक अभियान भी चलाया जा रहा है। झारखंड जैसे छोटे राज्यों में यह समस्या बहुत विकराल रूप ले चुकी है और गत चुनावों में यह एक प्रमुख चुनावी मुद्दा भी बना था।

समुद्र मंथन – प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में समुद्र मंथन योजना की ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए भारत नेशनल डीप वाटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने जा रहा है। हम समुद्र से भारत के लिए तेल और गैस खोजने का अभियान प्रारंभ करने जा रहे हैं जिससे हम इस क्षेत्र में भी आत्मनिभर्र हो सकें ।इस अभियान को समुद्र मंथन नाम दिया गया है।

सुदर्शन चक्र मिशन – प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 2035 तक देश के सभी सामरिक व सेना के साथ ही आस्था के सभी महत्वपूर्ण केंद्रो को स्वदेशी तकनीक आधारित व्यापक सुरक्षा कवच देने की महत्वपूर्ण घोषणा की है और इस कवच का लगातार विस्तार होता जाएगा ताकि देश का हर नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करे। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा लेकर हमने सुदर्शन चक्र की राह को चुना है। ये एक पावरफुल वैपन सिस्टम होगा जो दुश्मन के हमले को नष्ट तो करेगा ही करेगा साथ ही, कई गुना अधिक शक्ति से दुश्मन पर हिटबैक करेगा।
परमाणु ऊर्जा क्षमता- 2047 तक 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है। इसके लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में 10 नए परमाणु रिएक्टर का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। हम परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना से भी अधिक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
मेड इन इंडिया जेट इंजन- प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवा वैज्ञानिकों एवं तकनीकिशियनों से पूछा कि हमारे देश का अपना पूरी तरह से स्वदेशी जेट इंजन होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। आगे कहा हमें स्वदेशी जेट इंजन का निर्माण करना है तभी हम पूरी तरह आत्मनिर्भर होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में एक मंत्र दिया है और वह है “दाम कम, लेकिन दम ज्यादा।“ अर्थात उन्होंने उद्यमियों और उद्योगों से उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाने पर अधिक ध्यान देन का आह्वान किया ताकि हम वैश्विक बाजार में अपने उत्पादों की धूम मचा सकें। अगर हमें वैश्विक बाजार में अपने उत्पादों की क्षमता प्रदर्शित करनी है तो हमें गुणवत्ता के मोर्चे पर निरंतर नई ऊचाईयों को छूना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के प्रभावशाली लोगों के साथ -साथ राजनीतिक दलों से भी घरेलू स्तर पर निर्मित उत्पादों को अपनाने और बढ़ावा देने का आग्रह किया।

अपने संबोधन के माध्म से प्रधानमंत्री मोदी ने एकमात्र यही संदेश दिया है कि अब आत्मनिर्भरता ही सुरक्षित भारत का मूल मंत्र है। फिर वह चाहे जो भी क्षेत्र हो। उर्वरकों में आत्मनिर्भरता का संकल्प- प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में उर्वरकों के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता का संकल्प दिखा। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा के लिए उर्वरक में भी आत्मनिर्भर होना जरूरी है ताकि विदेशी दबाव से किसानों को मुक्त किया जा सके। उन्होंने यह भी साफ किया कि खेती की लागत घटना ही सिर्फ लक्ष्य नहीं है अपितु किसानों की आय बढ़ाने के लिए सस्ती खाद भी उपलब्ध कराना आवश्यक है।

इस प्रकार प्रधानंमत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में देश की सुरक्षा से लेकर आर्थिक विकास एवं आमजन की सुख-समृद्धि में बढ़ोत्तरी के लिए एक व्यापक कार्य योजना प्रस्तुत की है। बच्चों,युवाओें, उद्यमियों से लेकर किसानों तक समाज के सभी वर्गो को संबोधित किया और 2047 तक भारत को विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का विज़न वा कार्ययोजना देश्वसियों के समक्ष रखी।

Aina Today

Aina Today न्यूज पोर्टल है, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश और स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button