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लद्दाख का PM मोदी को अनोखा जन्मदिन तोहफा, वीके सक्सेना ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन; देखें मनमोहक तस्वीरें

लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर लेह में दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन किया। दुनिया में सबसे ऊंचे होने के अलावा, लेह में चोगलामसर और स्कतना में 10,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित ये दो फूलों के खेत देश के सबसे ऊंचे और सबसे बड़े फूलों के खेत भी हैं। 40 एकड़ में फैले इन फूलों के खेतों में 25 लाख से ज्यादा कीमती फूल लगे हैं जिनमें 24 लाख लिलियम और 1 लाख ग्लैडियोलस शामिल हैं।

लेह में इतनी ऊंचाई पर इस आकार और इस तरह का यह पहला प्रयोग है। इसके सफल क्रियान्वयन ने लद्दाख के दूसरे हिस्सों में भी इस मॉडल को अपनाने का रास्ता साफ कर दिया है।

10,600 फीट पर खिले खूबसूरत फूल।

PM मोदी को लद्दाख का फूलों वाला तोहफा

ट्विन फ्लावर फील्ड्स का विकास लद्दाख में कमर्शियल फूलों की खेती के जरिए खेती में विविधता लाने, किसानों को सशक्त बनाने और कमाई के नए मौके पैदा करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर है, जैसा कि प्रधानमंत्री ने सोचा था।

जुलाई में काम शुरू हुआ, सितंबर में फूल खिले

दिलचस्प बात यह है कि चोगलमसर में फूलों का खेत सिर्फ़ दो महीने के रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है। चोगलमसर में पौधे लगाने का काम 16 जुलाई को शुरू हुआ और सितंबर के पहले हफ्ते में पहली बार फूल खिले। दूसरी ओर, स्टकना फ्लावर फील्ड में लगभग 14 लाख लिलियम के पौधे लगाने का काम अगस्त में शुरू हुआ और अक्टूबर के आखिर तक पहली बार फूल खिलने की उम्मीद है।

लद्दाख की स्वर्ग जैसी तस्वीर।

क्या है इस प्रोजेक्ट का मकसद?

वीके सक्सेना ने किया ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन।

LG वीके सक्सेना ने क्या कहा?

फ्लावर गार्डन का उद्घाटन करते हुए, लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कहा कि यह पहल सिर्फ़ फूलों की खेती शुरू करने से कहीं ज़्यादा है। यह लद्दाख के लोगों के लिए रोज़ी-रोटी, हुनर ​​और मौकों के नए बीज बोने की कोशिश है। फ्लावर गार्डन का एक मुख्य मकसद इसे किसानों और युवाओं के लिए ट्रेनिंग और डेमो सेंटर के तौर पर विकसित करना है। यह सुविधा खेती के आधुनिक तरीकों, वैज्ञानिक खेती के तौर-तरीकों और फसल कटाई के बाद बेहतर मैनेजमेंट के बारे में जानकारी देगी, जिससे किसान खेत और गाँव के स्तर पर फूलों की खेती करने के लिए जरूरी जानकारी और हुनर ​​हासिल कर सकेंगे।

LG ने आगे कहा, स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन और शिक्षा की जगह होने के साथ-साथ, फूलों के खेत एक ऐसा इकोसिस्टम बनाएंगे जहां न सिर्फ फूल, बल्कि जानकारी, हुनर ​​और बिजनेस भी बढ़ सकें। फूलों की खेती एक ज्यादा कीमत वाली खेती की गतिविधि है जो पारंपरिक खेती के साथ मिलकर किसानों की आमदनी बढ़ा सकती है और रोज़गार व एंटरप्रेन्योरशिप के नए रास्ते खोल सकती है।

पीएम मोदी को लद्दाख की खूबसूरत भेंट।

आम जनता के लिए कब खुलेगा?

फ्लावर गार्डन 18 सितंबर, 2026 से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके सही रखरखाव और देखभाल के लिए, बड़ों के लिए 25 रुपये और बच्चों के लिए 10 रुपये की मामूली एंट्री फ़ीस तय की गई है। इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल गार्डन के रखरखाव और देखभाल के लिए किया जाएगा।

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