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मन की बात कार्यक्रम में बोले PM मोदी, देश के हर जिले में बनाए जाएंगे 75 अमृत सरोवर, पढ़िए संबोधन की बड़ी बातें

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 88वें एपिसोड को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश को एक ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ मिला है, जिसे देश की जनता के लिए खोल दिया गया है। यह गर्व की बात है कि हम प्रधानमंत्री के योगदान को याद कर रहे हैं, देश के युवाओं को उनसे जोड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोग संग्रहालयों को कई वस्तुएं दान कर रहे हैं और भारत की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ रहे हैं। कोविड महामारी के बीच संग्रहालयों के डिजिटलीकरण पर ध्यान बढ़ गया है। आने वाली छुट्टियों में युवा अपने दोस्तों के साथ संग्रहालय जरूर जाएं।

PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें:-

  • बाबा साहेब अंबेडकर जी की जयंती पर प्रधानमंत्री संग्रहालय का लोकार्पण हुआ है। गुरुग्राम में रहने वाले सार्थक जी पहला मौका मिलते ही संग्रहालय देख आए। उन्होंने नमो एप पर पीएम संग्रहालय की ऐसी चीजों के बारे में लिखा है, जो उनकी जिज्ञासा को और बढ़ाने वाली थी।
  • 18 मई को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया जाएगा। क्यों न आने वाली छुट्टियों में आप अपने दोस्तों की मंडली के साथ किसी स्थानीय संग्रहालय को देखने जाएं। आप अपना अनुभव #MuseumMemories के साथ जरूर साझा करें।
  • अब छोटे गांवों और कस्बों में भी लोग यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को फायदा हो रहा है। ऑनलाइन भुगतान एक डिजिटल अर्थव्यवस्था विकसित कर रहा है, रोज़ाना 20,000 करोड़ रुपए का ऑनलाइन लेनदेन किया जा रहा है।
  • टेक्नोलॉजी ने एक और बड़ा काम किया है। ये काम है हमारे दिव्यांग साथियों की असाधारण क्षमताओं का लाभ देश और दुनिया को दिलाना। हमारे दिव्यांग भाई-बहन क्या कर सकते हैं ये हमने टोक्यो ओलंपिक में देखा है।
  • देश आजकल लगातार संसाधनों को, इंफ्रास्ट्रक्चर को दिव्यांगों के लिए सुलभ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। जो दिव्यांग कलाकार हैं उनके काम को दुनिया तक पहुंचाने के लिए भी एक इनोवेटिव शुरुआत की गई है।
  • इस समय आजादी के 75वें साल में,आजादी के अमृत महोत्सव में, देश जिन संकल्पों को लेकर आगे बढ़ रहा है,उनमें जल संरक्षण भी एक है। अमृत महोत्सव के दौरान देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे।
  • पानियम् परमम् लोके, जीवानाम् जीवनम् समृतम् अर्थात संसार में जल ही हर जीव के जीवन का आधार है और जल ही सबसे बड़ा संसाधन भी है, इसलिए तो हमारे पूर्वजों ने भी जल संरक्षण पर इतना जोर दिया।
  • जल से जुड़ा हर प्रयास हमारे कल से जुड़ा है। इसमें पूरे समाज की ज़िम्मेदारी होती है। इसके लिए सदियों से अलग-अलग समाज,अलग-अलग प्रयास लगातार करते आये हैं।

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