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हिंदुत्व की विचारधारा को आगे बढ़ाते योगी आदित्यनाथ

  • विधानसभा सत्र में योगी जी ने विरोधी दलों पर बनाई मनोवैज्ञानिक बढ़त!

मृत्युंजय दीक्षित


उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र संपन्न हुआ। इस सत्र में जहाँ एक ओर कई ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन ने प्रदेश के विपक्ष को चिंता में डाल दिया। केंद्र में आई.एन.डी.आई.ए. गठबंधन सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया और प्रधानमंत्री जी के उत्तर के बीच में स्वयं ही बहिर्गमन कर अपनी किरकिरी करा ली, इसका प्रभाव विधानसभा सत्र पर भी दिखा। संसद में आई.एन.डी.आई.ए का अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सियासी तंज कसे और कहा कि हम 2024 ही नहीं अपितु 27 व 32 भी जीतेंगें। योगी जी की इस भविष्यवाणी से विरोधी दल के नेता सकपका गये हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन में जहां प्रदेश सरकार की उपलिब्धयों का विस्तृत चित्र प्रस्तुत किया वहीं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद व हिंदुत्व की विचाराधारा को आगे बढ़ाने का संकेत दिया। मुख्यमंत्री ने सपा मुखिया पर कविताओं के माध्यम से जमकर व्यंग्यबाण छोड़े और चाचा शिवपाल यादव को भी यह कहते हुए अपना रास्ता तय करने की सलाह दी कि समाजवादी आपको कभी सम्मान नहीं देंगे। अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने सपा नेता अखिलेश यादव द्वारा बनाये जा रहे पीडीए पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास अयोजना के अंतर्गत हमने जो 55 लाख आवास गरीबों को दिये हैं क्या यह पीडीए नहीं है? हमारी सरकार हर घर नल योजना चला रही है, हर महिला के लिए शौचालय उपलब्ध हो रहा है, हर घर रसोई गैस उज्वला योजना के माध्यम से पहुंच रही है क्या यह पीडीए वर्ग में नहीं है?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष को उत्तर देते हुए कि आपके लिए गरीब वोट बैंक है जबकि हमारे लिए परिवार है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के अंदर 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत की सुविधा मिल रही है। स्वास्थ्य सुविधा पहले से बेहतर हुई है ।अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, बस्ती, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, पीलीभीत, लखीमपुर और सहारनपुर तक से इंसेफलाइटिस समाप्त हो चुका है। नेता प्रतिपक्ष के सांड वाले विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस सांड की आप बात कर रहे हैं वह पशुपालन का हिस्सा है ओर हमारे लिए नंदी के समान है। आप के समय में वह बूचड़खने के हवाले होता था हमारे समय में यही पशुपालन का हिस्सा है।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद व हिंदुत्व – योगी जी ने अपने सम्बोधन में कांवड़ यात्रा और पुलिस थानों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा पर पुष्पवर्षा करने से नेता प्रतिपक्ष को परेशानी होती है, आपने तो कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित ही कर दिया था। और तो और आप लोगों ने तो पुलिस लाइन में जन्माष्टमी के आयोजन को भी प्रतिबंधित कर दिया था, मैने आते ही हर थाने, हर बैरक और हर जेल में जन्माष्टमी का पर्व मनाने का रास्ता साफ किया और इस बार भी हर थाने ,हर बैरक और हर जेल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन होगा। कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा भी होती रहेगी। ज्ञातव्य है कि लगभग चार करोड़ लोग हरिद्वार और गाजियाबाद के बीच कांवड़ लेकर चलते हैं और मुख्यमंत्री स्वयं पुष्पवर्षा करते हैं।

कांवड़ यात्रियों ने वह दिन भी देखे हैं जब उनकी सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं किया जाता था। समाजवादी व बसपा की सरकारों में जिहादी मानसिकता के लोग कांवड़ियों पर पत्थरबाजी करते थे, यह जिहादी मानसिकता के लोग कांवड़ियों के बीच नकली कांवड़ यात्री बनकर घुस जाते थे और असली कांवड़ को अपवित्र करते थे, जिहादी मानसिकता के लोग महिला कांवड़ यात्रियों के साथ छेड़छाड़ करते थे किंतु जब से यूपी में योगी सरकार आयी है तब से कांवड़ यात्रियों को भरपूर सम्मान मिल रहा है। आज योगी सरकार में सनातन हिंदू समाज का सम्मान हो रहा है। एक- दो जगह जिहादी मानसिकता के लोग अभी भी कांवड़ यात्रियों को परेशान करने का प्रयास करते हैं किंतु अब उन लोगों के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने जीरो टालरेंस की नीति अपना ली है।

प्रदेश के हर थाने हर बैरक और हर जेल में श्रीकृष्णजन्माष्टमी का पर्व एक बार फिर बहुत धूमधाम से मनाया जाने वाला है और इसके लिए हर थाने हर बैरक और हर जेल में स्वच्च्छता अभियान का आरम्भ हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि इससे जीवनशैली में अनुशासन आता है और जेलों में बंद अपराधियों के मन में भी सुधार की प्रक्रिया तीव्र होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विधान सभा संबोधन से समाज के हर वर्ग व समुदाय को संदेश व संकेत देते हुए सामाजिक समरसता पर भी बल दिया है। योगी जी का संदेश साफ था कि आज प्रदेश का हर जिला विकास के लिए वीवीआईपी है जबकि पहले कुछ जिले ही वीवीआईपी थे। आज प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है और सरकार की हर योजना समाज के हर व्यक्ति तक पहुंच रही है। योगी जी ने बताया कि आज हमारी योजनाओं के जो लाभार्थी हैं वह भी पीडीए ही हैं जबकि समाजवादी हर जगह भेदभाव करते थे।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के माध्यम से 2024 के लोकसभा चुनाव ही नहीं अपितु 2027 और 32 की रूपरेखा बनाकर प्रतिपक्ष को दिखा दी है। योगी आदित्यनाथ जी का आत्मविश्वास प्रबल है, भारतीय जनता पार्टी उनके नेतृत्व में प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतने के लिए संकल्पबद्ध है और योगी जी उसी दिशा में अपनी रणनीति को धार दे रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव के पहले प्रदेश भाजपा सरकार के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्य तीव्रता से पूर्णता की ओर बढ़ रहे हैं। अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का लोकार्पण जनवरी में किया जाना है। जनवरी 2024 में रामलला मुख्य मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होंगे, इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उपस्थित रहेंगे । मीरजापुर के निकट मां विन्ध्यवासिनी मंदिर का कारिडोर भी पूर्णता की ओर बढ़ रहा है। अयोध्या में इस बार भी दीपावली का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जायेगा। ज्ञानवापी को लेकर योगी जी ने स्पष्ट रूप से अपना मत रखकर प्रदेशवासियों का मन जीत लिया है।

मुरादाबाद दंगों की रिपोर्ट- विधानसभा के मानसून सत्र में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अत्यंत साहसिक कदम उठाते हुए 43 वर्ष पूर्व मुरादाबाद में हुए दंगो की रिपोर्ट पटल पर रखी और सत्य उद्घाटित किया। मुरादाबाद दंगों की रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व भारतीय जनता पार्टी और हिंदू समाज को पूर्णतः दोषमुक्त बताया गया है और मुस्लिम लीग के दो नेताओं को दोषी बताया गया है। मुरादाबाद दंगों की जांच रिपोर्ट अभी तक राजनैतिक स्वार्थ के कारण प्रस्तुत नहीं की जा रही थी किंतु योगी जी ने साहस दिखाकर इस रिपोर्ट को प्रस्तुत किया इससे वोटबैंक के लालच में काम करने वालों की कलई खुल गयी है। इससे कांग्रेस सहित सभी विरोधी दल बेनकाब हो गए हैं । इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने से भाजपा को कांग्रेस पर हमला बोलने का अवसर भी मिल गया है क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी मुस्लिम लीग को एक सेक्युलर पार्टी मानते हैं।

विधानसभा में पहली बार- उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में रचनात्मक राजनीति भी देखने को मिली। उप्र भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने विधानसभा की नयी नियमावली बनाई है जिसके अंतर्गत विधायक झंडे, बैनर व मोबाइल सदन के अंदर नहीं ले जा सकेंगे। विरोध प्रदर्शन के नाम पर कोई भी विधायक अध्यक्ष के आसन के पास नहीं जा सकेगा। सदन की कार्यवाही को अधिक से अधिक आनलाइन करने का प्रयास किया गया है। नियमावली में पहली बार सदन में विधायकों के आचरण व व्यवहार पर नियम तय किये गये हैं। अब यह लोग कोई भी दस्तावेज सदन में फाड़ नहीं सकेंगे। अब सदन में धूम्रपान और लाबी में तेज आवाज में बोलने पर भी रोक लगा दी गई है। यह सभी नियम शीतकालीन सत्र से लागू होंगे । अगर उप्र विधानसभा के ये नये नियम अच्छी तरह से लागू हो गये तो उत्तर प्रदेश संसद व अन्य विधानसभाओं के लिए एक उदाहरण होगा।

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