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कानपुर: पुलिस की कस्टडी में मौत की जांच करेगी SIT, दरोगा को गिरफ्तार कर भेजा जेल

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात पुलिस के लिए रनिया थाने में व्यापारी बलवंत की मौत का मामला गले की फांस बन गया है. पुलिस की पिटाई से मौत के इस मामले में पहले ही जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे, अब आईजी ने एसआईटी से मामले की जांच के आदेश करते हुए एसपी कन्नौज को टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं. उधर, दूसरी ओर मामले में लगातार किरकिरी होते देख कानपुर देहात पुलिस ने मुख्य आरोपी और एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि अभी भी मामले में आरोपी बाकी पुलिसकर्मी फरार हैं.

मामले में लीपापोती की आशंका को लेकर व्यापारी बलवंत के परिजन आईजी प्रशांत कुमार से मिले थे. परिजनों ने आईजी को कुछ ऐसी जानकारी दी थी, जिसमें पता चल रहा था कि कानपुर देहात पुलिस अपने एसओजी प्रभारी को बचाने का प्रयास कर रही है. इसके बाद आईजी ने कन्नौज एसपी कुमार अनुपम के नेतृत्व में एसआईटी से जांच के आदेश कर दिए हैं. इसी के साथ मामले की विवेचना कानपुर देहात पुलिस से लेकर एसआईटी को सौंप दी गई है. इसी बीच कानपुर देहात पुलिस ने एसओजी प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया है.

पीड़ित परिवार के घर पहुंचे कन्नौज एसपी

कन्नौज एसपी कुमार अनुपम गुरुवार को पांच सदस्यीय टीम के साथ मृत व्यापारी बलवंत सिंह के घर पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मामले की जानकारी ली. इसके बाद वह शिवली और अन्य थानों में भी जाकर संबंधित जानकारी जुटाई. उन्होंने इन थानों में तैनात पुलिस कर्मियों से घटना को लेकर सवाल-जवाब भी किए. इस मामले में एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम समेत 9 लोगों पर हत्या, धमकी, गाली गलौज समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है. इस मामले में सभी नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है.

आनन फानन में भेजा जेल

मामले में लगातार किरकिरी होते देख कानपुर देहात पुलिस ने आनन फानन में एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. एसपी कन्नौज जब प्रशांत गौतम से पूछताछ करने पहुंचे तो पता चला कि वह जेल में है. इसके बाद एसपी ने जेल में ही आरोपी से पूछताछ करने का फैसला किया है. इसी के साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन कर दिया है. मामले में निलंबित शिवली थाना प्रभारी राजेश सिंह के परिवार के लोगों को पुलिस ने बांदा से, मैथा चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश पांडे के रिश्तेदार को शिवली से उठाया है. वहीं खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश उन्नाव व कानपुर नगर के अलावा प्रयागराज, इटावा, झांसी और जालौन में भी छापेमारी की जा रही है.

मजिस्ट्रेटियल जांच भी शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए कानपुर देहात की डीएम नेहा जैन के आदेश पर मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच भी शुरू कर दी गई है. जांच की जिम्मेदारी डीएम ने मैथा के एसडीएम को दी गई है. इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला भारती ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इन्होंने मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी दी है. राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने बताया कि पीएम ने घटना पर दुख जताया है. वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार के सदस्यों को उचित मुआवजा भी दिलाया जाएगा.

निलंबन के बावजूद पिस्टल लेकर भागे थानेदार

इस मामले में निलंबित थानेदार शिव प्रकाश सिंह सरकारी पिस्टल लेकर फरार है. इस संबंध में रपट दर्ज की गई है. मामले में निलंबित शिवली थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह भी बिना सूचना के गायब हैं. उनके खिलाफ रपट दर्ज की गई है. बिना सूचना के इन दोनों के लापता होने पर थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई है. इसी क्रम में मात चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश पांडे, एसओजी सिपाही महेश गुप्ता के खिलाफ गुमशुदगी की रपट दर्ज कराई गई है.

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