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यूपी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का कारनामा, मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 4 मरीजों की आंखें सड़ी

कानपुर में स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है यहां पर मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान रोशनी को खोने वाले 6 में से 4 मरीजों की आंखें बुरी तरीके से सड़ चुकी हैं. दो रोगियों की आंखों में कार्निया थोड़ी बची हुई है सुधार की कोशिश में डॉक्टरों की टीम लगाई गई है. मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद 5 रोगियों को नेत्र विभाग में भर्ती किया गया है.

स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है. टीम ने आराध्या हॉस्पिटल की ओटी में भी जांच की लेकिन उन्हें कोई खराबी नहीं मिली. मरीजों के आंखों की रोशनी जाने के मामले में डॉक्टर्स के खिलाफ FIR दर्ज हुई है. अंतरिम जांच रिपोर्ट में लापरवाही का केस माना गया. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम मामले के कारणों का पता लगा रही है.

बर्रा के आराध्या आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 6 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी. उनमें से 4 मरीजों की आंखों में जांच के बाद यह जानकारी हुई कि वह बुरी तरीके से सड़ गई हैं. संक्रमण की वजह से कार्निया गल कर सफेद हो गया है. नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर संतकुमार के अनुसार, दो रोगियों की आंखों में कॉर्निया थोड़ी बच्ची भी है, जिसमें सुधार की कोशिश करने में डॉक्टर्स की टीम ने सफलता पाई है.

संक्रमण के कारण खराब हुई मरीजों की आंखें

स्वास्थ विभाग की टीम ने बीते बुधवार को रोगियों की जांच जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में कराई. इससे पता लगा कि आंखें संक्रमण के कारण खराब हो गई हैं. यह कैसे हुआ इसकी जांच की जा रही है. 5 रोगियों को कानपुर में भर्ती कर लिया गया है. जबकि एक रोगी अपना प्राइवेट इलाज कराने की बात कहकर वापस घर चला गया.

नेता कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ परवेज खान ने बताया कि 4 रोगियों की आंख अंदर तक बुरी तरह सड़ चुकी हैै. आंख का गोला बचाने की कोशिश कर रहे हैं. आंखों में अलग-अलग दिनों में संक्रमण फैला हुआ नजर आ रहा है. रोगियों की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के नेत्रों विभाग ने एक टीम बना दी है.

आंख से पट्टी हटते ही छाया अंधेरा

इस प्रकरण में एसीएमओ डॉ एस के सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने रोगियों को शिवराजपुर से एंबुलेंस से लाकर उनकी जांच करवाई है. रोशनी खोने वालों में मुन्नी देवी 70 वर्ष, शेर सिंह 70 वर्ष, रमेश कश्यप 50 वर्ष, सुल्ताना देवी 75 वर्ष, ज्ञानवती 70 वर्ष, राजाराम 70 वर्ष, की आंखें खराब हुई हैं. जांच टीम को रोगियों ने बताया कि पट्टी हटते ही अंधेरा और धुंधलााापनन छा गया. फिलहाल आराध्या अस्पताल की बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद पहले के कई बिगड़े केस भी शिकायत करने स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंचे हैं.

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