क्या ये हिंदुयों के प्रिय भगवान हनुमान जी पर कब्जे की कोई साजिश तो नहीं है

मुझे समझ नहीं आ रहा है की ये लखनऊ के “भंडारा मास्टर” पत्रकार, डॉ मो कामरान, अब्दुल वाहिद, जुबेर अहमद, अज़ीज़ सिदक्की, अपनी टीम के साथ पिछले कई वर्षों से जेठू के मंगल पर कद्दू पूड़ी ठंडे पानी के साथ भारी भंडारा क्यों करते हैं  और हिंदुओं से कुछ मांगते भी नहीं और हाँ करते ही नहीं अपने साथ पूरी कौम माने अरिफ् मुकीम, मो अतहर, अनीस खान वरसी, लाइक अहमद, वाहिद बिरयानी, इस्लाम खान, शादाब सिदक्की, तनवीर सिद्दीकी, मिर्जा अरिफ् बेग, रुबा खान, तोसीफ हसन आदि आदि के साथ लखनऊ के खास नाम डॉ सुल्तान शाकिर हाशमी, निगहत खान, नावेद शिकोह, रजिया नवाज, वामिक खान, नजम अहसन आदि आदि के साथ कभी अयोध्या कभी महाकाल भगवा पहन कर पहुंचे दिखते हैं।  देखो इस ज्ञानवापी, नूपुर टाइप माहौल में ये सब हरकत ठीक नहीं। आप सब से अर्ज है जल्दी से सुधर जाइये ☺वरना दो चार फतवे इस वाल से दो चार नारे उधर वाल से निकलवा दूंगा समझे,, मुसलमानियत से तो जाओगे ही जाओगे इंसानियत से भी बेदखल करवा दूंगा, बड़े आये गंगा जमुनी तहजीब वाले,,हाँ नई तो
वैसे अगली बार इससे अच्छे होने चाहिए,,,🥰🙏
फ्रीलांस कलम सुशील दुबे

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