सीएचसी सलोन में कवरेज करने गये पत्रकारों पर डाक्टरों ने किया जानलेवा हमला

कमरें में बनाया बंधक सरकारी दवा जलाने कि खबरें चलाने थे खफा

सलोन/रायबरेली। सीएचसी के भ्रष्ट डॉक्टरों के खिलाफ बीते दिनों सरकारी दवाओं को जलाए जाना व बाहर मौजूद मेडिकल स्टोर से दवाओं को लिखने की शिकायत करना पत्रकारों को इस कदर भारी पड़ा की एक प्रधान पर हुए जानलेवा हमला की खबर कवरेज कर डॉक्टर का मामले से संबंधित बयान लेने के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर डॉक्टरों ने ना सिर्फ पत्रकारों को मारा बल्कि उनका मोबाइल व पर्स छीन घसीट कर कमरे में बंद कर गला दबा जान से मारने तक की हद पार कर डाली हालांकि पत्रकारों ने कमरें में बंद हो अंदर से ही प्रशासन से कार्यवाही कि गुहार लगाई जिस पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच पत्रकारों को बंधक से मुक्त कराया।

दरअसल बीते दिनों सलोन तहसील परिसर में सरकारी दवाओं को जलाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसे सलोन सीएससी के भ्रष्ट डॉक्टर नकारते हुए कह रहे थे कि यह वीडियो मेरे परिसर का ही नहीं है जब पत्रकारों ने परिसर में जलाई गई दवाओं की लाइव लोकेशन वीडियो व फोटो निकाल सीएचसी सलोन में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच उच्च स्तरीय टीम से करवाने की मांग की तो सलोन सीएचसी के डॉक्टर इस कदर झल्ला गए की सलोन सीएचसी परिसर में पत्रकारों के आने की प्रतीक्षा करने लगे घटना बुधवार की सुबह लगभग 9:30 बजे की है जब सलोन ब्लाक क्षेत्र के अतरथरिया ग्राम सभा के प्रधान पर हुए जानलेवा हमले की खबर कवरेज करने पहुंचे। दो पत्रकार पीड़ित पक्ष का बयान ले डॉक्टरों का बयान लेना चाहा इतने मे सारे डॉक्टर लाठी-डंडों से लैस हो पत्रकारों को पीटना शुरू कर दिया साथ ही पत्रकारों का मोबाइल फोन व पर्स तक छीन इतने।

पत्रकार सीएचसी परिसर से निकलकर बाहर जान बचाकर भागे जिसके बाद सीएचसी लाकर पत्रकारों को दौड़ा कर पकड़ा और घसीटकर कमरे में बंद कर गला दबाने लगे। लगातार का पत्रकारों से कबुलवा रहे थे कि सीएचसी सलोन की खबर और चलाओगे या नहीं जिस पर किसी तरह पत्रकारों ने डाक्टरों को किसी तरह कमरे से बाहर कर अंदर से कमरे को बंद कर लिया जिसके बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने पत्रकारों को बंधक मुक्त कराया।

इस पूरे मामले में तहसील से लेकर जिले तक के पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त है पत्रकारों द्वारा सलोन सीएचसी के भ्रष्ट डॉक्टर रुपेश जायसवाल, जितेंद्र कुमार, कुलदीप गुप्ता, कौशलेंद्र तिवारी, रीतेश वर्मा, अमित सचान सहित कई अज्ञात गुंडा बने डॉक्टरों के खिलाफ सलोन थाने में तहरीर दी है साथ ही जिलाधिकारी रायबरेली को कई संख्या में पत्रकार ज्ञापन देकर भ्रष्ट डॉक्टरों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करवा निलंबित करवाए जाने की मांग की है। इस मामले में जिले से लेकर मुख्यालय तक के पत्रकार संघ हुंकार भरे हुए हैं साथ ही इस लड़ाई को आर पार की लड़ने की हुंकार भर भारी आंदोलन की चेतावनी दी है।

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